वैज्ञानिकों ने 10 मिनट तक चलने वाले X‑रे फ्लैश को दर्ज किया, जो दो न्यूट्रॉन सितारों के टकराव से मैग्नेटार के जन्म का संकेत देता है। यह खोज अंतरिक्ष में होने वाली अत्यधिक घटनाओं को समझने में नया दृष्टिकोण देती है।
ScienceDaily
अंतरिक्ष में होने वाली तेज़ और शक्तिशाली घटनाओं का अध्ययन वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से एक चुनौती रहा है। हाल ही में, 10 मिनट तक चलने वाले X‑रे फ्लैश की खोज ने इस क्षेत्र में एक नया अध्याय खोला है। यह लेख इस खोज के पीछे के विज्ञान और इसके महत्व को सरल शब्दों में समझाता है।
X‑रे फ्लैश एक अल्पकालिक, तीव्र X‑रे उत्सर्जन है, जिसे आमतौर पर कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक देखा जाता है। पारंपरिक रूप से, न्यूट्रॉन सितारा टकराव को पहचानने के लिए गामा‑रे बर्स्ट का उपयोग किया जाता था, जो कुछ ही सेकंड में समाप्त हो जाता है। परंतु अब यह स्पष्ट हो रहा है कि कुछ टकराव X‑रे में भी लंबे समय तक चमक सकते हैं।
जाने‑माने अंतरिक्ष यान Einstein Probe ने 2024 की शुरुआत में अपनी खोज शुरू की। इसने अब तक सैकड़ों तेज़ X‑रे ट्रांज़िएंट्स का पता लगाया है। इन घटनाओं के स्रोतों को पहचानना कठिन होता है क्योंकि दूरी और ऊर्जा की जानकारी अक्सर उपलब्ध नहीं होती।
जुलाई 4, 2025 को, SVOM, Insight‑HXMT और Einstein Probe ने एक नई घटना का पता लगाया, जिसे EP250704a/GRB 250704B नाम दिया गया। इस घटना का गामा‑रे बर्स्ट केवल आधे सेकंड का था, पर Einstein Probe ने X‑रे में लगभग 10 मिनट तक तेज़ चमक दर्ज की।
इस घटना को देखने के लिए प्रोफेसर Eleonora Troja के समूह ने तुरंत VLT (Very Large Telescope) और Very Large Array जैसे उपकरणों का उपयोग किया। VLT के X‑Shooter से उन्होंने प्रकाश को अलग-अलग तरंगदैर्घ्य में विभाजित किया और अवशोषण पैटर्न से दूरी (रेडशिफ्ट) मापी। परिणामस्वरूप रेडशिफ्ट z=0.6610 मिला, जिसका अर्थ है कि यह घटना 6 अरब वर्ष से अधिक समय पहले हुई।
इसके अलावा, VLT के FORS2 से सुपरनोवा की खोज की गई, परंतु कोई सुपरनोवा नहीं मिला, जो यह दर्शाता है कि यह घटना न्यूट्रॉन सितारा टकराव से उत्पन्न हुई है।
न्यूट्रॉन सितारे अत्यंत घने तारकीय अवशेष होते हैं। जब दो ऐसे सितारे टकराते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्पन्न होती हैं और यदि परिणामी वस्तु मैग्नेटार हो, तो वह लंबे समय तक X‑रे उत्सर्जित कर सकती है। प्रोफेसर Troja ने कहा, "यदि टकराव का अवशेष मैग्नेटार है, तो यह X‑रे में लंबे समय तक चमक सकता है।"
इस अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि X‑रे फ्लैश का लंबा समय अवधि न्यूट्रॉन सितारा टकराव से जुड़ी हो सकती है। यह खोज हमें यह समझने में मदद करती है कि कुछ अनसुलझे X‑रे ट्रांज़िएंट्स वास्तव में मैग्नेटार के जन्म के संकेत हो सकते हैं।
यदि भविष्य में इसी तरह के और X‑रे फ्लैश मिलते हैं, तो वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि कितनी बार न्यूट्रॉन सितारा टकराव मैग्नेटार पैदा करते हैं। साथ ही, गुरुत्वाकर्षण तरंगों के साथ X‑रे फ्लैश को जोड़कर टकराव की पूरी कहानी को और स्पष्ट किया जा सकता है।
10 मिनट तक चलने वाले X‑रे फ्लैश की यह खोज अंतरिक्ष में होने वाली अत्यधिक घटनाओं को समझने के लिए एक नया मार्ग खोलती है। यह हमें यह साक्ष्य देती है कि न्यूट्रॉन सितारा टकराव के बाद मैग्नेटार का जन्म हो सकता है, और भविष्य में और अधिक खोजों के लिए आशा जगाती है।
| घटना | अवधि | उपकरण | रेडशिफ्ट | दूरी |
|---|---|---|---|---|
| EP250704a/GRB 250704B | 10 मिनट (X‑रे) | Einstein Probe, VLT, VLA | 0.6610 | 6 अरब वर्ष से अधिक |


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